आजकल कई लोग अपने वाहन पर जाति, समाज या समुदाय से जुड़े स्लोगन और स्टिकर लगाते हैं। लेकिन अब ऐसा करना भारी पड़ सकता है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि यदि किसी वाहन पर जाति सूचक शब्द, स्लोगन या स्टिकर लगे पाए गए, तो संबंधित वाहन मालिक पर जुर्माना लगाया जाएगा।
परिवहन विभाग की सख्त चेतावनी
परिवहन विभाग ने राज्य के सभी वाहन मालिकों को एक महीने के भीतर ऐसे सभी जाति सूचक शब्द और स्टिकर हटाने का निर्देश दिया है। विभाग के अनुसार, यह कदम सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और सड़क पर अनुशासन कायम रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
विभाग ने कहा है कि कई वाहन मालिक अपनी गाड़ियों पर ऐसे शब्द लिखवाते हैं जो समाज में भेदभाव या गलत संदेश फैलाते हैं। इसलिए अब इस पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
एक महीने तक मिलेगा समय
विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार:
- वाहन मालिकों को एक महीने का समय दिया गया है।
- इस अवधि के भीतर वाहन से सभी जाति सूचक स्लोगन और स्टिकर हटाने होंगे।
- समय सीमा समाप्त होने के बाद विशेष अभियान चलाकर जांच की जाएगी।
कितने का लगेगा जुर्माना?
यदि कोई व्यक्ति नियम का उल्लंघन करता पाया गया, तो मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 177 और 179 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
संभावित जुर्माना:
- ₹2000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
- ट्रैफिक पुलिस विशेष अभियान चलाकर जांच करेगी।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार और परिवहन विभाग का मानना है कि सार्वजनिक स्थानों पर जाति आधारित प्रचार सामाजिक माहौल को प्रभावित कर सकता है। सड़क पर चलने वाले वाहन सार्वजनिक संपत्ति की तरह होते हैं, इसलिए उन पर ऐसे संदेश नहीं होने चाहिए जो समाज में विभाजन पैदा करें।
वाहन मालिकों के लिए जरूरी सलाह
यदि आपकी बाइक, कार, ट्रैक्टर या किसी अन्य वाहन पर जाति सूचक शब्द, स्टिकर या स्लोगन लगा है, तो उसे जल्द से जल्द हटा दें। इससे आप कानूनी कार्रवाई और जुर्माने से बच सकते हैं।
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परिवहन विभाग की यह पहल समाज में समानता और सौहार्द बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सभी वाहन मालिकों को नियमों का पालन करना चाहिए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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