घर बैठे मोबाइल से होगी खाद की बुकिंग, किसानों को मिलेगी बड़ी राहत
भारत में खेती को डिजिटल बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। अब किसान अपने मोबाइल फोन से ही ऑनलाइन उर्वरक (खाद) की बुकिंग कर सकेंगे। इसके लिए क्यूआर कोड आधारित नई डिजिटल व्यवस्था शुरू की जा रही है, जिससे किसानों को समय पर और पारदर्शी तरीके से खाद उपलब्ध हो सकेगी।
वैशाली जिले में फर्टिलाइजर सेल्फ एप्लीकेशन सिस्टम के तहत किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य किसानों को डिजिटल माध्यम से जोड़ना और खाद वितरण व्यवस्था को अधिक आसान एवं पारदर्शी बनाना है।
क्या है नई ऑनलाइन उर्वरक बुकिंग व्यवस्था?
नई व्यवस्था के तहत किसान अपने मोबाइल फोन से क्यूआर कोड स्कैन करके ऑनलाइन उर्वरक की बुकिंग कर पाएंगे। इसके बाद किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार निर्धारित केंद्र से खाद प्राप्त कर सकेंगे।
इस डिजिटल सिस्टम के फायदे:
- खाद वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी
- किसानों को लाइन में लगने की जरूरत कम होगी
- समय की बचत होगी
- जरूरत के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा
- कालाबाजारी और अनियमितता पर रोक लगेगी
किसानों को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण
गोरौल प्रखंड के रसूलपुर कोरीगांव राजस्व ग्राम में किसानों के लिए फील्ड टेस्टिंग और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में किसानों को मोबाइल से खाद बुकिंग करने की पूरी प्रक्रिया समझाई गई।
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को बताया गया कि:
- मोबाइल से पोर्टल या ऐप खोलना है
- क्यूआर कोड स्कैन करना है
- आवश्यक उर्वरक का चयन करना है
- ऑनलाइन बुकिंग पूरी करनी है
- निर्धारित केंद्र से खाद प्राप्त करनी है
डिजिटल सिस्टम से किसानों को क्या फायदा होगा?
1. समय की बचत
अब किसानों को खाद लेने के लिए बार-बार दुकानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
2. सही मात्रा में उपलब्धता
फसल की जरूरत के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा।
3. पारदर्शी व्यवस्था
ऑनलाइन रिकॉर्ड होने से गड़बड़ी की संभावना कम होगी।
4. ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल जागरूकता
इस पहल से गांवों में डिजिटल तकनीक का उपयोग बढ़ेगा।
जिला प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे इस नई डिजिटल सुविधा का लाभ उठाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में यह व्यवस्था पूरे जिले और राज्य में लागू की जा सकती है।
खेती में डिजिटल इंडिया की नई तस्वीर
सरकार की यह पहल किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मोबाइल आधारित उर्वरक बुकिंग प्रणाली से खेती को स्मार्ट और सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी।
अगर यह व्यवस्था सफल होती है, तो आने वाले समय में बीज, कीटनाशक और अन्य कृषि सेवाएं भी पूरी तरह डिजिटल हो सकती हैं।
👉
मोबाइल से ऑनलाइन उर्वरक बुकिंग की शुरुआत किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। इससे खाद वितरण प्रक्रिया आसान, तेज और पारदर्शी बनेगी। डिजिटल तकनीक के माध्यम से खेती को आधुनिक बनाने की यह पहल ग्रामीण भारत के लिए नए अवसर लेकर आ रही है।
बिहार कृषि विभाग Official Portal
यह बिहार सरकार के कृषि विभाग का आधिकारिक पोर्टल है, जहाँ किसान रजिस्ट्रेशन, कृषि योजनाएँ, उर्वरक/बीज लाइसेंस और डिजिटल कृषि सेवाएँ उपलब्ध हैं।
Fertilizer / Agriculture Service Section
OFMAS (Agriculture Digital System)
खबर में जिस QR Code आधारित ऑनलाइन उर्वरक बुकिंग सिस्टम की बात है, वह संभवतः DBT Agriculture Bihar और Fertilizer Management System से जुड़ा पायलट प्रोजेक्ट है।
👕 टी-शर्ट खरीदने के लिए यहाँ क्लिक करें
🎒 बैग खरीदने के लिए यहाँ क्लिक करें
🖱️ गेमिंग माउस खरीदने के लिए यहाँ क्लिक करें
⌨️ कीबोर्ड खरीदने के लिए यहाँ क्लिक करें
🔊 ब्लूटूथ स्पीकर खरीदने के लिए यहाँ क्लिक करें
📷 कैमरा खरीदने के लिए यहाँ क्लिक करें
🔋 पावर बैंक खरीदने के लिए यहाँ क्लिक करें



0 Comments
Thanks