बिहार के पुराने व्यावसायिक वाहन मालिकों के लिए महत्वपूर्ण सूचना: 7 दिनों के भीतर दें वाहन की वर्तमान स्थिति, अन्यथा स्क्रैप माना जा सकता है

 

बिहार के वाहन मालिकों के लिए बड़ी खबर

यदि आपका व्यावसायिक वाहन (Commercial Vehicle) वर्ष 2010 अथवा उससे पहले पंजीकृत (Registered) है, तो आपके लिए यह सूचना अत्यंत महत्वपूर्ण है। बिहार के विभिन्न जिला परिवहन कार्यालय (DTO) द्वारा ऐसे वाहनों का सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है।

जिला परिवहन पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर द्वारा जारी सूचना के अनुसार विभागीय अभिलेख में दर्ज पुराने व्यावसायिक वाहनों की वर्तमान स्थिति की जांच की जा रही है। यह कार्रवाई माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की जा रही है।

किन वाहनों पर लागू है यह निर्देश?

यह निर्देश उन सभी व्यावसायिक वाहनों पर लागू हो सकता है जो—

  • वर्ष 2010 या उससे पहले पंजीकृत हैं।
  • लंबे समय से टैक्स, फिटनेस या परमिट का नवीनीकरण नहीं कराया गया है।
  • वर्तमान में सड़क पर संचालित नहीं हो रहे हैं।
  • स्क्रैप, विक्रय या अन्य कारणों से उपयोग में नहीं हैं।

वाहन मालिकों को क्या करना होगा?

यदि आपके पास ऐसा कोई वाहन है तो आप अपने जिले के जिला परिवहन कार्यालय (DTO) में जाकर या संबंधित कार्यालय के आधिकारिक ई-मेल पर वाहन की वर्तमान स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराएं।

आपको निम्न में से किसी एक स्थिति की सूचना देनी होगी—

  1. वाहन वर्तमान में संचालित है।
  2. वाहन असंचालित है।
  3. वाहन स्क्रैप (कबाड़) कर दिया गया है।
  4. वाहन किसी अन्य व्यक्ति को विक्रय कर दिया गया है।

केवल मुजफ्फरपुर ही नहीं, पूरे बिहार के वाहन मालिक रहें सतर्क

यद्यपि यह सूचना मुजफ्फरपुर जिला परिवहन कार्यालय द्वारा जारी की गई है, लेकिन राज्य स्तर पर पुराने व्यावसायिक वाहनों का सत्यापन अभियान चलाए जाने की संभावना है।

इसलिए बिहार के सभी जिलों के पुराने व्यावसायिक वाहन मालिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने-अपने जिला परिवहन कार्यालय (DTO) से संपर्क करें और वाहन की स्थिति संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं।

जानकारी नहीं देने पर क्या हो सकता है?

यदि वाहन मालिक निर्धारित समय सीमा के भीतर विभाग को जानकारी उपलब्ध नहीं कराते हैं, तो विभागीय अभिलेख के आधार पर वाहन को निष्क्रिय या स्क्रैप श्रेणी में मानने की कार्रवाई की जा सकती है। अंतिम निर्णय संबंधित परिवहन विभाग एवं लागू नियमों के अनुसार लिया जाएगा।

इसलिए किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए समय रहते अपने जिले के DTO कार्यालय से संपर्क करें।

आवश्यक दस्तावेज

DTO कार्यालय जाने से पहले निम्न दस्तावेज साथ रखें—

  • वाहन का रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र (RC)
  • वाहन मालिक का पहचान पत्र
  • फिटनेस प्रमाणपत्र (यदि उपलब्ध हो)
  • परमिट की प्रति (यदि लागू हो)
  • वाहन विक्रय या स्क्रैप से संबंधित दस्तावेज (यदि उपलब्ध हों)

वाहन मालिकों के लिए सलाह

यदि आपके पास 2010 या उससे पूर्व पंजीकृत कोई व्यावसायिक वाहन है तो तुरंत अपने जिले के जिला परिवहन कार्यालय में संपर्क करें। ई-मेल अथवा कार्यालय में उपस्थित होकर वाहन की वास्तविक स्थिति दर्ज कराना आपके हित में होगा।

समय पर जानकारी देकर आप भविष्य की प्रशासनिक एवं कानूनी परेशानियों से बच सकते हैं।

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